Friday, September 17, 2010

राष्ट्रमंडल खेल

राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ा कोई भी कार्यक्रम हो, जनाब शेरा को तो आपने वहाँ देखा ही होगा। शेरा यानी राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर। हँसते- मुस्कुराते, हाथ मिलाते ये आपको इन दिनों कहीं न कहीं दिख ही जाएगा।

2 comments:

bhupendra said...

धीरज जी नमस्कार आपका लेख हिंदी के विषय में बहुत ही उत्तम है मई पढ़कर नई नई जानकारियों से अवगत होता रहता हूँ | आपने हिंदी के लिए यह उत्तम कार्य प्रारंभ किया है | यह केवल छात्रों के लिए ही नहीं अपितु सभी हिंदी प्रेमियों के लिए प्रेरक व उपकारक है
ऐसे ही लिखते रहें करे सदा उपकार ,
यही हमारी कामना उज्जवल बनें विचार

dheeraj kumar said...

utsahvardhan ke liye dhanyavaad.